- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
घर को ही बनाया बीमार व असहाय पशुओं का अस्पताल
कैसे कुत्ते, बिल्ली और यहां तक कि गायों के बछड़े घायल छोड़ दिए जाते हैं। सड़क पर इन्हें जख्मी देख मेरा मन पसीज जाता है। यह कहना है महाश्वेतानगर में रहने वाली साधना जेजुरीकर का। वे आठ साल से बीमार और असहाय पशुओं की देखरेख में जुटी हैं। उनका कहना है कि इस अवधि के दौरान 40 मादा कुत्तों की नसबंदी करवा चुकी हैं। यह काम आसान नहीं था। इसके लिए कई लोगों से चर्चा की लेकिन बात नहीं बनी तो खुद ने अपने घर के एक कोने को केयर सेंटर में बदला। वहां ऐसे पशुओं को रखा जो किसी को सड़क पर घायल अवस्था में मिले थे। उनका पशु चिकित्सक से उपचार करवाया। हालत में सुधार होने के बाद उनकी देखरेख भी की। जेजुरीकर ने एक वेबसाइट भी बनाई है। इसके जरिए वे लोगों को जागरूक करने में जुटी हैं। उनका कहना है कि पालतु पशुओं के साथ ऐसे पशुओं का भी हमारे जीवन में बड़ा महत्व है। यह हमारे लिए किसी सुरक्षा घेरे की तरह हैं।